Supreme Court Vehicle Insurance :- सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा और अनिवार्य वाहन बीमा के पालन को लेकर केंद्र सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि बिना वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर तब तक ईंधन न दिया जाए, जब तक वे अनिवार्य बीमा कवर प्राप्त नहीं कर लेते। इसके लिए केंद्र सरकार और भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) को एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिलने में कठिनाई होती है। अदालत के अनुसार, वित्त संबंधी संसदीय समिति की रिपोर्ट के मुताबिक देश के लगभग 56 प्रतिशत वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं।
अदालत ने सुझाव दिया कि इस पायलट परियोजना में पेट्रोल पंपों को वाहन के बीमा डेटाबेस से जोड़ा जाए, ताकि ईंधन भराने से पहले वाहन के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की जांच की जा सके। इसके साथ ही ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों और VAHAN पोर्टल की मदद से बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ स्वतः ई-चालान जारी करने की व्यवस्था भी विकसित की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने नए निजी चार पहिया वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष और नए दोपहिया वाहनों के लिए पांच वर्ष से बढ़ाकर छह वर्ष करने के भी निर्देश दिए हैं। अदालत का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिल सकेगा।