India Japan defence cooperation: राजस्थान के आसमान में भारत-जापान का महाशक्ति प्रदर्शन, 14 दिन तक चलेगा युद्ध का ट्रेलर

India Japan defence cooperation (जोधपुर):- भारत और जापान के बीच बढ़ते रणनीतिक और रक्षा संबंधों ने सोमवार को एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया। राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर शुरू हुए संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन-2026’ में जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) के लड़ाकू विमानों ने पहली बार भारतीय धरती से उड़ान भरी। यह न सिर्फ दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल का प्रतीक है, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों का भी बड़ा संदेश है।

India Japan defence cooperation: भारतीय वायुसेना और जापानी वायुसेना के बीच यह चौथा संयुक्त अभ्यास है, लेकिन इस बार इसका पैमाना और महत्व दोनों पिछले सभी अभ्यासों से कहीं बड़ा है। करीब 14 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास में दोनों देशों के 40 से अधिक लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और 500 से ज्यादा जवान हिस्सा ले रहे हैं।

India Japan defence cooperation: भारतीय वायुसेना की ओर से सुखोई-30 MKI, तेजस, मिराज-2000 और जगुआर जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान अपनी ताकत दिखा रहे हैं, वहीं जापान ने अपने सबसे घातक F-15J Eagle और F-2 फाइटर जेट्स के साथ-साथ C-2 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को इस अभ्यास के लिए भारत भेजा है।

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India Japan defence cooperation: क्या है वीर गार्जियन-2026 में खास?

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों वायुसेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी एक साथ मिलकर युद्ध लड़ने की क्षमता को बढ़ाना है। जोधपुर के रणनीतिक एयरबेस को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां का मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां युद्ध जैसे हालात के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं।

India Japan defence cooperation: इन 14 दिनों में एयर कॉम्बैट मैन्युवर, बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल फायरिंग का अभ्यास, ग्राउंड अटैक मिशन, और संयुक्त मानवीय सहायता मिशन का प्रशिक्षण किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण है ‘डॉग फाइट’ अभ्यास, जिसमें भारतीय सुखोई और जापानी F-15 आमने-सामने होंगे और एक-दूसरे की रणनीति को समझेंगे।

एक वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी ने बताया, “जापानी पायलटों के लिए रेगिस्तानी इलाके में उड़ान भरना एक नया अनुभव है, जबकि हमारे पायलटों को जापानी तकनीक और उनकी उड़ान रणनीति से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

India Japan defence cooperation: इंडो-पैसिफिक को बड़ा संदेश 

यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। भारत और जापान दोनों ही QUAD के महत्वपूर्ण सदस्य हैं और दोनों का मानना है कि इस क्षेत्र को स्वतंत्र और खुला बनाए रखना जरूरी है।

India Japan defence cooperation: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जापानी लड़ाकू विमानों का भारतीय धरती से उड़ान भरना सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश भी है। यह दिखाता है कि भारत अब सिर्फ रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा में एक प्रमुख भागीदार बन चुका है।

इस अभ्यास से भारत की रक्षा तकनीक और मेक इन इंडिया को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ावा मिलेगा। तेजस जैसे स्वदेशी विमान की क्षमताओं को जापान जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश के सामने परखने का यह सुनहरा मौका है।

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