नई दिल्ली। प्यार और विश्वास को रिश्तों की सबसे मजबूत नींव माना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में देश में सामने आए कुछ सनसनीखेज मामलों ने इस भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड से लेकर राजा रघुवंशी, मेरठ के सौरभ राजपूत (नीला ड्रम हत्याकांड) और बेंगलुरु की महालक्ष्मी तक, कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें प्रेम, विवाह या करीबी रिश्ते कथित तौर पर साजिश और हत्या में बदल गए।
पुणे के कारोबारी परिवार से जुड़े केतन अग्रवाल मामले में पुलिस का आरोप है कि उनकी मंगेतर और उसके कथित प्रेमी ने मिलकर हत्या की साजिश रची। जांच के अनुसार, यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि कथित तौर पर कई महीनों से योजना बनाई जा रही थी। मामला तब और चौंकाने वाला बन गया जब शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना बताने की कोशिश की गई।
इसी तरह 2025 में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान खींचा। हनीमून पर गए राजा रघुवंशी की मौत के मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला वैवाहिक रिश्तों में छिपे अविश्वास और कथित धोखे की एक भयावह मिसाल बनकर सामने आया।
मेरठ का चर्चित “नीला ड्रम” हत्याकांड भी देशभर में सुर्खियों में रहा, जिसमें सौरभ राजपूत की हत्या और शव को ठिकाने लगाने के तरीके ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। वहीं बेंगलुरु की महालक्ष्मी हत्याकांड जैसी घटनाओं ने भी रिश्तों में बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों के पीछे केवल प्रेम संबंध या विवाह नहीं, बल्कि ईर्ष्या, स्वार्थ, आर्थिक हित, नियंत्रण की भावना, छिपे रिश्ते, मानसिक तनाव और आपसी अविश्वास जैसे कई जटिल कारण हो सकते हैं। हालांकि हर मामला अलग होता है और उसके पीछे की परिस्थितियां भी भिन्न होती हैं।
इन घटनाओं ने समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—जब रिश्तों की नींव ही भरोसे पर टिकी होती है, तो आखिर किन परिस्थितियों में वही रिश्ता कथित तौर पर साजिश और हत्या तक पहुंच जाता है? जांच एजेंसियां इन मामलों में कानूनी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं, लेकिन ये घटनाएं रिश्तों में संवाद, विश्वास और मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत पर भी नई बहस छेड़ रही हैं।