Raghav Chadha on Doctor Commission :- राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच कथित रेफरल कमीशन (कट मनी) की व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में मरीजों को विशेष जांच केंद्रों पर भेजने के बदले डॉक्टरों को कमीशन दिया जाता है, जिसका अतिरिक्त बोझ अंततः मरीजों पर पड़ता है।
संसद में अपने संबोधन के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि यह कथित व्यवस्था एक समानांतर प्रोत्साहन तंत्र (Parallel Incentive Economy) का रूप ले चुकी है। उनके अनुसार, इस तरह की रेफरल प्रणाली के कारण कई बार मरीजों से अनावश्यक जांच कराई जाती है और मेडिकल बिल में 15 से 20 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है।
उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि मरीजों का हित सर्वोपरि होना चाहिए। साथ ही लोगों से अपील की कि यदि किसी डॉक्टर द्वारा बिना स्पष्ट कारण किसी विशेष लैब या डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच कराने का दबाव बनाया जाए, तो वे सतर्क रहें और आवश्यकता पड़ने पर दूसरी चिकित्सकीय राय भी लें।
फिलहाल यह सांसद द्वारा संसद में उठाया गया मुद्दा है। संबंधित आरोपों पर व्यापक आधिकारिक जांच या निष्कर्ष सामने आना बाकी है। इस विषय पर आगे सरकार या संबंधित नियामक संस्थाओं की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।