वॉशिंगटन/तेहरान। लंबे समय से तनावपूर्ण रिश्तों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते पर अंतिम मुहर लगने की तैयारी है। इस समझौते के तहत अमेरिका ईरान को लगभग 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज प्रदान कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित 14-सूत्रीय समझौते का उद्देश्य पश्चिम एशिया में स्थिरता स्थापित करना, परमाणु विवाद को समाप्त करना और क्षेत्रीय तनाव को कम करना है। समझौते में आर्थिक सहयोग, प्रतिबंधों में राहत, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और सुरक्षा संबंधी प्रावधान शामिल बताए जा रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। वर्षों से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान के लिए यह पैकेज बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास में नई जान फूंक सकता है।
वहीं अमेरिका को भी इस समझौते से कई रणनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण, क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग और पश्चिम एशिया में स्थिरता सुनिश्चित करना वॉशिंगटन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब स्विट्जरलैंड में होने वाली अंतिम वार्ता पर टिकी हुई है। यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो यह समझौता पिछले कई दशकों में अमेरिका और ईरान के संबंधों में सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।