नई दिल्ली। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों को अब अपने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए शुल्क देना होगा। रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों को दी जा रही निःशुल्क पार्किंग सुविधा समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिससे हजारों कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, अब तक रेलवे स्टेशनों पर तैनात कई कर्मचारी अपने निजी वाहनों को स्टेशन परिसर में बिना किसी शुल्क के खड़ा कर सकते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें निर्धारित पार्किंग शुल्क का भुगतान करना होगा। यह निर्णय विशेष रूप से दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, जिनमें हजरत निजामुद्दीन स्टेशन भी शामिल है, पर लागू किया जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि रेलवे कर्मचारियों की ड्यूटी अक्सर लंबे समय तक चलती है और सार्वजनिक परिवहन हर समय उपलब्ध नहीं होता, ऐसे में निजी वाहन उनकी आवश्यकता बन जाते हैं। मुफ्त पार्किंग सुविधा समाप्त होने से कर्मचारियों की मासिक जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
वहीं रेलवे प्रशासन का तर्क है कि पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने, भीड़भाड़ कम करने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए यह कदम उठाया गया है। हाल के वर्षों में रेलवे स्टेशनों पर पार्किंग नियमों और शुल्क व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।
इस फैसले के बाद कर्मचारी संगठनों और रेलवे प्रशासन के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। कर्मचारियों की मांग है कि रेलवे स्टाफ के लिए रियायती दरें या विशेष पास की व्यवस्था की जाए, ताकि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।