Islamabad Protest:पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों ने उनकी रिहाई और राजनीतिक अधिकारों की मांग को लेकर इस्लामाबाद की ओर लंबा मार्च शुरू किया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में हजारों लोग शामिल हुए हैं। ऐसे में पाकिस्तान में लोकतंत्र, राजनीतिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा मार्च
Islamabad Protest:रिपोर्टों के मुताबिक मार्च की शुरुआत खैबर पख्तूनख्वा से हुई, जहां PTI की सरकार है। प्रांतीय मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी इस मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग इमरान खान की जेल से रिहाई है। इसके अलावा PTI संविधान और कानून के शासन के सम्मान तथा जनता के जनादेश से जुड़े मुद्दे भी उठा रही है।
AP के अनुसार 4 अक्टूबर को 5,000 से अधिक समर्थकों ने इस मार्च की शुरुआत की थी। प्रदर्शनकारी वाहनों के काफिले के साथ कई स्थानों से होते हुए राजधानी इस्लामाबाद पहुंचने की तैयारी में हैं। PTI की ओर से आगे चलकर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया गया है।
सरकार और PTI के बीच बातचीत विफल
Islamabad Protest:यह विरोध ऐसे समय शुरू हुआ है जब इमरान खान की पार्टी और पाकिस्तान सरकार के बीच प्रदर्शन को रोकने के लिए बातचीत हुई थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी और वार्ता विफल होने के बाद PTI ने मार्च शुरू करने का फैसला किया।
इमरान खान 2023 से जेल में हैं और उन पर भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में मुकदमे चल चुके हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान की सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई
Islamabad Protest:मार्च को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। राजधानी में कई रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। सरकार ने मार्च को रोकने के संकेत दिए हैं, जिससे प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है।
PTI का कहना है कि उसका आंदोलन इमरान खान की रिहाई के साथ-साथ संविधान, कानून के शासन और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है। वहीं सरकार का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों में बड़े राजनीतिक जमावड़े से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
Islamabad Protest:पाकिस्तान में राजनीतिक विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर पहले भी गंभीर विवाद सामने आते रहे हैं। Human Rights Watch ने अपनी 2026 की रिपोर्ट में पाकिस्तान में विपक्ष, मीडिया और नागरिक समाज पर दबाव तथा विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तारियों को लेकर चिंता दर्ज की थी।
फिलहाल इमरान खान समर्थकों का यह मार्च पाकिस्तान की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है और सरकार की प्रतिक्रिया क्या रहती है, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।